केन्द्र सरकार ने देशभर के 36 शहरों को 15वें वित्त से कुल 375 करोड़ 25 लाख रुपये जारी किए हैं। इनमें पटना तीसरा सबसे अधिक राशि प्राप्त होने वाला नगर निगम बना है।
पटना नगर निगम को वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए केन्द्र सरकार से इनाम मिला है। पिछले कुछ वर्षों से नगर निगम के प्रयास के असर के तौर पर इसे देखा जा रहा है। पटना को 30 करोड़ 39 लाख रुपये इंसेंटिव ग्रांट के तौर पर मिले हैं। इस राशि का उपयोग सिर्फ वायु प्रदूषण के रोकथाम पर होगा। केन्द्र सरकार ने देशभर के 36 शहरों को 15वें वित्त से कुल 375 करोड़ 25 लाख रुपये जारी किए हैं। इनमें पटना तीसरा सबसे अधिक राशि प्राप्त होने वाला नगर निगम बना है।
राष्ट्रीय वायु स्वच्छ कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024 में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें देश के 47 शहरों में पटना का 14वां स्थान था। वायु गुणवत्ता में सुधार करने वाले शहरों को एयर क्वालिटी परफॉर्मेंस ग्रांट मिलता है। यह ग्रांट दो मानकों पर मिलता है। एक पीएम10 यानी वायु में मोटे धूलकण की मात्रा में कमी आयी हो और दूसरा वायु गुणवत्ता सूचकांक में बेहतर सुधार हुआ हो। इन दोनों मानकों पर पटना नगर निगम क्षेत्र में सुधार हुआ है।
ऐसा पहली बार हुआ है जब पटना को पीएम10 की मात्रा में कमी के लिए इंसेंटिंव के तौर पर 13.71 करोड़ और वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार पर 16.09 करोड़ रुपये इंसेंटिंव ग्रांट मिला है। पहले स्थान पर ग्रेटर मुम्बई को 70.71 करोड़ और दूसरा स्थान पाने वाले शहर गाजियाबाद को 33.47 करोड़ रुपये मिले हैं। स्वच्छ वायु रैकिंग सर्वे देश के 130 वायु प्रदूषित शहरों में हुआ था। वर्ष 2024 के इस सर्वेक्षण रिपोर्ट में 10 लाख से अधिक की आबादी वाले 47 शहरों में पटना को 14वां स्थान मिला था।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में पटना की रैंकिंग 29वीं थी। शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण कराया था। बता दें कि इस बार के सर्वे रिपोर्ट में पटना कई बड़े शहरों को भी पछाड़ दिया है। कोलकाता, चेन्नई, रांची, जमशेदपुर और हावड़ा जैसे शहर पटना से रैंकिंग में पीछे रहे।
पटना नगर निगम के नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने कहा कि पटना में वायु प्रदूषण के रोकथाम को कई प्रयास किए गए। सड़कों पर नियमित तौर पर पानी का छिड़काव, सड़कों की सफाई, एंटी स्मोग गन का उपयोग, शहर के 659 स्थायी कूड़ा प्वाइंट को समाप्त किया गया। निगम क्षेत्र में स्मार्ट सिटी की तरफ बैट्री चालित बसें चलाई गईं। हर वार्ड में पौधरोपण के लिए एक-एक लाख रुपये भी दिये जाएंगे। सभी के सम्मिलित प्रयास से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।