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Mokama Bajrangbali Darbar: मोकामा में बाहुबली विधायक आनंत सिंह के इलाके में कंबल ओढ़े बजरंगबली का दिव्य दरबार 1998 से आस्था का केंद्र बना हुआ है. जहां रोग मुक्ति और मुरादों की पूर्ति का दावा किया जाता है. आइये जानते हैं इस मंदिर की मान्यता के बारे में.
मोकामा: अद्भुत अकल्पनीय दिव्य दरबार की कहानियों में आपको हम लेकर चलते हैं बिहार के मोकामा इलाके में. यह इलाका बाहुबली विधायक आनंत सिंह का इलाका माना जाता है. इन्हीं के इलाके में बाहुबली बजरंगबली का एक दिव्य दरबार भी है, जिसको लेकर अवश्नीय दावा किया जाता है. यहां ऐसा दावा किया जाता है कि दरबार में अर्जी लगाने से रोगों से मुक्ति मिल जाती है. यह स्थान मोकामा नगर परिषद इलाके में पुराने अस्पताल के पास है. जो इन दिनों आस्था का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. इसकी सबसे खास बात यह है कि अस्पताल के बिल्कुल समीप होने के कारण यहां रोज मरीज और उनके परिजन रोग मुक्ति की कामना लेकर पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से यहां अर्जी लगाने पर दुख-दर्द दूर हो जाते हैं और मुरादें पूरी भी होती हैं.
1998 से शुरू हुआ था दरबार
मंदिर के पुजारी भोला महतो बताते हैं कि इस दिव्य दरबार की शुरुआत वर्ष 1998 में हुई थी. धीरे-धीरे इसकी ख्याति आसपास के इलाकों से निकलकर पूरे पटना जिले तक फैल गई. उनके अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन यहां आकर बजरंगबली के चरणों में अर्जी लगाते हैं. कई लोग ठीक होकर दोबारा दर्शन करने भी पहुंचते हैं. यहां के पुजारी का कहना है कि व्यक्तिगत जीवन में भी उन्होंने कई बार बजरंगबली की कृपा महसूस की है और उनके दुख-दर्द प्रभु ने हर लिए हैं. यहां प्रतिदिन शाम को भजन-कीर्तन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. यहां विशेष अवसरों और शनिवार के दिन भारी भीड़ होती है.
कंबल ओढ़े बजरंगबली की अनोखी मान्यता
इस दरबार की एक खास पहचान कंबल ओढ़े बजरंगबली की प्रतिमा है. पुजारी भोला महतो बताते हैं कि जैसे हमें ठंड लगती है, वैसे ही प्रभु को भी ठंड लग सकती है. इसलिए श्रद्धा से उन्हें कंबल ओढ़ाया जाता है. यह परंपरा यहां की आस्था से जुड़ी हुई है.
स्थानीय निवासी अरुण कुमार बताते हैं कि यहां जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी मुराद पूरी होती है. अब तो शादीशुदा लोग भी संतान सुख और पारिवारिक खुशहाली की कामना लेकर पहुंचने लगे हैं. आस्था और विश्वास के सहारे मोकामा का यह बजरंगबली दरबार लोगों को आध्यात्मिक संबल दे रहा है. श्रद्धालुओं के लिए यह सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि उम्मीद और भरोसे का केंद्र बन चुका है.
लेखक के बारे में
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें