पुलिस ने सरकारी सिस्टम में सेंध लगाकर योजनाओं के करोड़ों रुपए ‘अपात्र’ लोगों के खातों में भेजने वाले गिरोह के 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर देश में पहली बार सरकारी योजनाओं की राशि में करोड़ों रुपए का घोटाला करने वाली गैंग का राज खोलने के बाद आशंका जताई
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पुलिस ने जिन 21 बैंकों में यह अकाउंट खुले हुए हैं, उनके मुख्यालय अधिकारियों को पत्र भेजकर इन अकाउंट का संचालन तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने को कहा है। साथ ही बैंकों से इन 11 हजार बैंक अकाउंट का विश्लेषण व इनके माध्यम से किए गए अवैध वित्तीय लेन-देन की पूरी जांच के लिए 7 दिन के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित शाखा के 6 तकनीकी और वित्तीय जांच में दक्ष कर्मचारी उपलब्ध कराने को भी कहा है, ताकि वे पुलिस जांच में सहयोग कर सकें। एसपी अमित कुमार ने बैंकों से यह भी कहा कि बैंक शाखा को अवकाश के दिन भी संचालित करवाया जाए, जिससे जांच शीघ्र पूरी हो सके और आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत जुटाए जा सकें।
जांच में और भी संदिग्ध अकाउंट आएंगे सामने
पुलिस बैंक अधिकारियों के सहयोग से मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान इन आरोपियों के मोबाइल नंबर से लिंक अकाउंट की भी जांच की जा रही है। ऐसे में अन्य बैंकों में या अभी तक जिन बैंकों में इन आरोपियों के संदिग्ध अकाउंट मिले हैं, उनमें और भी संदिग्ध अकाउंट मिलेंगे। भवानीमंडी के डीएसपी प्रेम कुमार, झालावाड़ डीएसपी हर्षराजसिंह खरेड़ा और साइबर डीएसपी मनोज कुमार के नेतृत्व में एसआईटी टीम मामले की जड़ तक गहनता से जांच कर रही है।
कोटा संभाग में 4596 बैंक खाते संदिग्ध, एक महीने में 752 की ही जांच हो पाई
कोटा | पुलिस मुख्यालय ने हर रेंज को संदिग्ध बैंक खातों व मोबाइल सिम की डिटेल देते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। कोटा रेंज में भी 4596 बैंक खाते संदिग्ध बताए गए। पूरे सितंबर माह में चले अभियान में केवल 752 खातों की ही जांच हो सकी। वहीं, 379 में से एक महीने में 192 संदिग्ध मोबाइल सिम की जांच हुई और 187 की जांच बाकी है। शहर पुलिस को 2639 संदिग्ध बैंक खातों की जांच करनी थी, लेकिन केवल 269 खाते ही देखे जा सके। इस दौरान 2 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
84 सिम में से 64 सिम चेक करते हुए एक एफआईआर दर्ज की गई। इसी प्रकार कोटा ग्रामीण पुलिस ने 226 बैंक खातों में से 170 चेक कर लिए हैं। प्रतिशत देखें तो यह सर्वाधिक है। लेकिन संदिग्ध सिम के मामले में 49 सिमों में से केवल 17 सिम चेक की गई हैं। यह आंकड़ा कम है। इसी प्रकार बूंदी में 898 में 176 खाते चेक किए और 2 एफआईआर भी दर्ज हुई हैं।