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गले की हड्डी बनी 8 लाख कारें, ढूंढे नहीं मिल रहे ग्राहक, दिवाली ऑफर भी रहा बेअसर

गले की हड्डी बनी 8 लाख कारें, ढूंढे नहीं मिल रहे ग्राहक, दिवाली ऑफर भी रहा बेअसर
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नई दिल्ली. इस साल दिवाली के दौरान कारों की बिक्री में इतनी गिरावट आई है कि डीलर्स के पास 80-85 दिनों का रिकॉर्ड स्तर का इन्वेंटरी स्टॉक जमा हो गया है. यह स्टॉक लगभग 7.90 लाख वाहनों का है, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹79,000 करोड़ बताई जा रही है. यह जानकारी एक इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सामने आई है.

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल कार बिक्री में 18.81% की कमी आई है. इसके बावजूद ऑटोमेकर्स ने कम बिक्री के बीच भी गाड़ियों का स्टॉक बढ़ा दिया था, जिससे डीलर्स के पास इन्वेंटरी अधिक हो गई है. मई के बाद से ही बिक्री में गिरावट देखी जा रही है, जिससे डीलर्स के पास इन्वेंटरी का स्तर लगातार बढ़ता चला गया.

मिड-रेंज कारों पर भी दिखा असर
दिलचस्प बात यह है कि ₹10-25 लाख की कीमत वाली मिड-रेंज कारों की बिक्री भी प्रभावित हुई है. यह श्रेणी महामारी के बाद बिक्री में वृद्धि का मुख्य कारक थी, लेकिन इस साल इसमें भी धीमापन देखा गया है.

मौसम और नए मॉडल्स का प्रभाव
कार खरीद में देरी का एक कारण मौसम के असामान्य पैटर्न को भी माना जा रहा है. इस साल अधिक गर्मी के बाद भारी मानसून ने खरीदारों को अपनी योजनाओं को टालने पर मजबूर कर दिया. वहीं, मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स और हाल ही में लॉन्च हुई टाटा कर्व जैसे नए मॉडलों की मांग स्थिर बनी हुई है, जिन्हें इस मंदी का कम प्रभाव महसूस हुआ है.

बड़े निर्माताओं के पास सबसे ज्यादा इन्वेंटरी
मारुति सुजुकी और हुंडई जैसी बड़ी कंपनियों के पास सबसे अधिक डीलर इन्वेंटरी है, वहीं निसान और सिट्रोन जैसी कंपनियों के पास भी पर्याप्त स्टॉक जमा हो गया है.

टैग: ऑटो समाचार, ऑटो बिक्री, यात्री वाहन



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