आखरी अपडेट:
गौरव यादव अपनी Electric SUV को खेतों में पावर बैंक की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे खेती के उपकरण चलाए जा सकते हैं. ये पहल ग्रामीण भारत में EV की उपयोगिता और सस्टेनेबिलिटी को दिखाती है. आइए, जानते हैं कि EV में ऐसा कौन सा फीचर होता है, जो खेती-किसानी में भी आपकी मदद करेगा.
खेती में ईवी का उपयोग
Electric Cars केवल ड्राइविंग ही नहीं, बल्कि अब कई जरूरी कामों में भी आपकी मदद कर सकती है. गांव से लेकर शहर तक, इनकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है. इसका ताजा उदाहरण एक टेक सैवी और कार-बाइक का बेहतर ज्ञान रखने वाले किसान गौरव यादव हैं. इन्होंने कुछ ऐसा किया कि आज ये सुर्खियों में है.
हरियाणा के इस युवा किसान ने अपनी इलेक्ट्रिक कार को सिर्फ सड़क पर ही नहीं, बल्कि खेतों में भी उतार दिया है. गौरव यादव की खेती-बाड़ी में खासी रुचि है. वे नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देते हैं, 4×4 वाहनों और ट्रैक्टरों के भी शौकीन हैं. अब उन्होंने EV को भी अपने खेतों में काम पर लगा दिया है.
EV कर रही खेत में मदद!
हाल ही में वायरल हुए एक रील में गौरव अपनी Electric SUV को फार्म पर इस्तेमाल करते दिखे.ये कार सिर्फ चलने का साधन नहीं, बल्कि एक मोबाइल पावर बैंक की तरह काम करती है. Vehicle-to-Load (V2L) तकनीक की मदद से कार बैटरी से बिजली निकालकर खेती के छोटे-मोटे उपकरण, लाइट्स, पंप या अन्य टूल्स चलाए जा सकते हैं.
जहां गांवों में बिजली कटौती आम बात है, वहां ये फीचर बेहद उपयोगी साबित हो रहा है. गौरव बताते हैं कि इससे डीजल जनरेटर की जरूरत कम हो जाती है, खर्च बचता है और प्रदूषण भी घटता है.