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barabar pahar shiv mandir: भारत में पर्यटन एक बड़ा उद्योग है. यहां कलात्मक, धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थलों और कृतियों की कमी नहीं है. कई पहाड़ों पर तो काफी ऊंचाई पर अलग-अलग देवी-देवाताओं के मंदिर और मूर्तियां भी हैं. यहां पहुंचने पर लोगों को भारी सुकून और शांति मिलती है.
बिहार में बोधगया और राजगीर के साथ जहानाबाद स्थित बराबर की पहाड़ी को भी सरकार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है ताकि यहां भी पर्यटकों की भीड़ पहुंचे. यही कारण है कि इस पर्यटन स्थल को पर्यटक सर्किट से जोड़ने का काम किया जा रहा है. यहां 2013 से हर साल वाणावर महोत्सव मनाया जा रहा है.

इसी कड़ी में बिहार पहुंचने वाले पर्यटकों को राजगीर के बाद दूसरे रोप-वे की सौगात मिलने जा रही है. पातालगंगा और गौ घाट दोनों छोर से रोप वे बनाए जा रहे हैं. गौ घाट से रोप वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है. इससे पहाड़ की ऊंची चोटी पर स्थापित भगवान शंकर को जल चढ़ाना आसान हो जाएगा.

वाणावर में रोप वे का निर्माण कार्य चल रहा है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अगस्त के अंत तक पर्यटकों को रोप-वे की सौगात मिल सकती है. प्रशासन से सख्त निर्देश मिला है कि बराबर में रोप-वे का संचालन 31 अगस्त तक शुरू किया जाए.

पर्यटक स्थल बराबर में श्रावणी मेला भी जल्द शुरू हो रहा है. ऐसे में प्रशासन ने इसकी भी तैयारी तेज कर दी है. पातालगंगा से बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर तक जाने वाले रास्ते में सीढ़ी मरम्मत का काम अंतिम चरण में है.

श्रावण के महीने में करीब 2 लाख श्रद्धालु बराबर स्थल पहुंचते हैं. अरवल, गया, पटना और जहानाबाद तक से लोग यहां जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. खासकर सोमवार को तो भारी भीड़ होती है. यही वजह है कि बराबर क्षेत्र श्रावणी मेला में ‘बोल बम’ के जय घोष से गुंजायमान रहता है.