बॉलीवुड के 80 के दशक का जिक्र हो और कल्पना अय्यर की बात ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता है. उस दौर में जब डिस्को का ट्रेंड चरम पर था और फिल्मों में ग्लैमर का तड़का जरूरी माना जाता था तब कल्पना अय्यर स्क्रीन पर आते ही माहौल बदल देती थीं. उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे एनर्जेटिक डांसर कहा जाता था. हाल ही में उनका एक वीडियो फिर से वायरल हुआ जिसमें वो अपने सुपरहिट गाने पर थिरकती नजर आई हैं. फैंस को एक बार फिर वही गोल्डन एरा याद आ गया.
‘हरी ओम हरी’ से मिली असली पहचान
साल 1980 में आई फिल्म प्यारा दुश्मन का गाना ‘हरी ओम हरी’ कल्पना अय्यर के करियर का बड़ा ब्रेक साबित हुआ. बप्पी लाहिड़ी का धमाकेदार म्यूजिक और ऊषा उत्थुप की दमदार आवाज के साथ जब कल्पना ने स्टेज संभाला तो बस छा गई थी. उनका कॉन्फिडेंस, एक्सप्रेशन और हाई एनर्जी डांस देखकर लोग दीवाने हो गए थे. इस गाने ने उन्हें ‘डिस्को सायरन’ का नाम दिलाया और वो रातों-रात स्टार बन गई थी.
‘रंभा हो’ ने बनाया डिस्को क्वीन
फिल्म अरमान का गाना ‘रंबा हो’ आज भी 80s के सबसे आइकॉनिक गानों में गिना जाता है. इस गाने में कल्पना अय्यर ने जिस जोश से डांस किया वो आज भी लोगों को याद है. बाद में उन्होंने बताया था कि शूट के दौरान उनके पैर छिल गए थे लेकिन उन्होंने शूट नहीं रोका. वो चाहती थीं कि उनका परफॉर्मेंस परफेक्ट हो. उनकी यही लगन उन्हें उस दौर की सबसे अलग डांसर बनाती थी.
‘औवा औवा’ में दिखा अलग अंदाज
फिल्म डिस्को डांसर का ‘औवा औवा कोई यहां नाचे’ भी कल्पना के करियर का अहम गाना रहा है. मिथुन चक्रवर्ती के साथ उनकी केमिस्ट्री और स्टेज पर उनकी धमाकेदार एंट्री ने गाने को और खास बना दिया था. उनके डांस में एक अलग ही कॉन्फिडेंस और अट्रैक्शन था जो लोगों को बांधे रखता था.
‘तू मुझे जान से’ में छाया ग्लैमर
फिल्म वारदात के गाने ‘तू मुझे जान से’ में भी कल्पना अय्यर ने अपनी स्टाइल और स्क्रीन प्रेजेंस से सबका ध्यान खींच लिया था. उनकी बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशन और स्टाइल उस दौर के लिए काफी हटके था. वो सिर्फ एक डांसर नहीं बल्कि पूरी परफॉर्मर थीं. जो गाने को अपनी एनर्जी से जिंदा कर देती थीं.
‘जब छाए मेरा जादू’
फिल्म लूटमार के ‘जब छाए मेरा जादू’ में कल्पना ने अपने डांस से सच में जादू चला दिया था. आशा भोसले की आवाज और उनका दमदार अंदाज गाने को अलग लेवल पर ले गया था.
वहीं ‘पिया हम’ में भी उन्होंने अपनी स्ट्रॉन्ग स्क्रीन प्रेजेंस से सबका दिल जीत लिया था. देव आनंद की फिल्मों में उनकी मौजूदगी खास मानी जाती थी.