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विधानसभा निर्वाचन को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को सेक्टर पदाधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम रोशन कुशवाहा ने की। इस प्रशिक्षण में 401 सेक्टर पदाधिकारियों को चुनावी जिम्मेदारियों की बारीक जानकारी दी गई।डीएम ने कहा कि निर्वाचन कार्य लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है इसे शांतिपूर्ण व निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सेक्टर पदाधिकारी चुनावी मशीनरी की रीढ़ होते हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र की भौगोलिक स्थिति, वहां की संवेदनशीलता और उपलब्ध संसाधनों की पूरी जानकारी रखना उनकी जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि वे सेक्टर पदाधिकारी अपने आवंटित वाहन का ही प्रयोग करेंगे। किसी भी सूरत में गाड़ी का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। उन्हें उसी वाहन से अपने क्षेत्र में जाना होगा और उसी से वापस लौटना होगा। यदि ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है तो तत्काल वरीय पदाधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर डीडीसी शैलजा पांडेय, नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग सह जिला बंदोबस्त पदाधिकारी विजय कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार, डीएफओ प्रवीण कुमार, ओएसडी अली इकराम, सदर एसडीएम दिलीप कुमार, एसडीओ दलसिंहसराय समेत सभी सहायक निर्वाचक पदाधिकारी, सभी डीसीजीआई सहित अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद थे। सभी ने अपने-अपने स्तर से सेक्टर पदाधिकारियों को चुनावी ड्यूटी में अपनाई जाने वाली सावधानियों और जिम्मेदारियों की जानकारी दी।
अनुशासन व जवाबदेही पर दिए कड़े निर्देश प्रशिक्षण के दौरान डीएम रोशन कुशवाहा ने उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किए हुए सभी सेक्टर पदाधिकारियों से विस्तृत सवाल-जवाब किए। उन्होंने ड्यूटी के प्रति उनकी तत्परता, क्षेत्र की जानकारी और निर्वाचन प्रक्रिया की समझ पर सवाल किए। इसके अलावा, अनुपस्थित सेक्टर पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट किया कि आज के दिन प्रशिक्षण में बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने वाले किसी भी पदाधिकारी पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्य में अनुशासन, जवाबदेही और तत्परता सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो अधिकारी निर्धारित समय और पद्धति का पालन नहीं करेंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।