मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज फिर से नियुक्ति पत्र बांटने जा रहे हैं। वह बापू सभागार में 21,391 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देंगे। उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी। सोशल मीडिया पर सीएम नीतीश कुमार ने लिखा कि बिहार में कानून का राज स्थापित है। विधि व्यवस्था सुढृढ़ रहे, यह शुरू से हमारी प्राथमिकता रही है। कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिहार में लगातार पुलिसकर्मियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।
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सीएम नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी राज की याद भी दिलाई। कहा कि 24 नवम्बर 2005 को नई सरकार बनने के समय बिहार पुलिस में कार्यरत बल की संख्या मात्र 42,481 थी। वर्ष 2006 से कानून व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए पुलिस बल की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की गई। बिहार सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाना है। इसके लिए कुल दो लाख 29 हजार से भी अधिक पदों का सृजन कर तेजी से पुलिसकर्मियों की बहाली की जा रही है। स्वीकृत बल के अनुरूप सभी पदों को इस साल के अंत तक भर दिया जाएगा। इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी और आम नागरिकों की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
इधर, नीतीश सरकार ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए थाना भवनों में अलग से बैरकों का निर्माण करवा दिया है। राज्य के 545 थाना भवनों में महिला बैरकों का निर्माण करा दिया गया है, जबकि हर नए थाना भवन में महिलाओं के लिए अलग शौचालय और बैरक बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने बताया कि एक समय था, जब बिहार पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या बेहद कम थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 23 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। इस बढ़ती भागीदारी को देखते हुए सरकार उनके लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर करने पर खास ध्यान दे रही है। जिसका नतीजा है कि अब महिला पुलिस कर्मियों के लिए अलग से शौचालय, स्नानगृह बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक का भी निर्माण किया जा रहा है। एडीजी ने बताया कि अब तक 678 थानों में पांच सीट वाले और 257 थानों में दो सीट वाले शौचालय बन चुके हैं, जिससे ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही हर नए थाना भवन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग शौचालय और बाथरूम अनिवार्य कर दिए गए हैं।