Bihar Chunav: खाली कुर्सी और तेजस्वी के सामने मुकेश सहनी ये क्या बोल गए… Cong को लग सकता है 440 वोल्ट का ‘करंट’

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bihar chunav 2025: बिहार चुनाव 2025 से पहले वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी ने तेजस्वी यादव की मौजूदगी में नंबर-2 और डिप्टी सीएम का दावा ठोका. सहनी ने निषाद वोटों को खाली कुर्सी के सामने एकजुट करने की कोशिश की. क्य…और पढ़ें

तेजस्वी यादव और खाली कुर्सी के सामने मुकेश सहनी ने किसे ललकारा?

हाइलाइट्स

  • मुकेश सहनी ने तेजस्वी की मौजूदगी में डिप्टी सीएम का दावा ठोका.
  • सहनी की मांग से महागठबंधन में तनाव बढ़ा.
  • कांग्रेस-आरजेडी में सीटों को लेकर विवाद जारी.

पटना. बिहार चुनाव 2025 से पहले वीआईपी पार्टी के सर्वेसर्वा मुकेश सहनी ने एक बार फिर से डिप्टी सीएम का दावा ठोका है. खास बात यह है कि मुकेश सहनी ने यह दावा आरजेडी के सीएम फेस तेजस्वी यादव के मौजूदगी में ठोका है. सहनी जब यह दावा ठोक रहे थे तो उस वक्त हॉल में अधिकाशं कुर्सियां खाली थी. गिनती के ही कुछ लोग हॉल में नजर आ रहे थे. बता दें कि मुकेश सहनी कई दिनों के बाद तेजस्वी यादव के साथ सार्वजनिक मंच पर दिखे और उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव की खूब कसीदें पढ़े. मुकेश सहनी ने कहा, ‘बिहार में मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव होंगे और 2 नंबर की कुर्सी पर अतिपिछड़ा और मल्लाह का बेटा बैठेगा.’ ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस की महागठबंधन में 3 नंबर का पोजिशन होने वाला है? क्या तेजस्वी यादव जानबूझकर कांग्रेस की अनदेखी कर रहे हैं? क्या मुकेश सहनी के दावे के बाद कांग्रेस को 440 वोल्ट का करंट नहीं लगेगा?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी माहौल गर्म है. विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने डिप्टी सीएम पद की मांग को फिर से हवा देकर महागठबंधन में हलचल मचा दी है. मुकेश सहनी, जिन्हें ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से जाना जाता है और बिहार में निषाद समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं. उनकी वीआईपी पार्टी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में चार सीटें जीतकर सबको चौंकाया था. सहनी ने हाल ही में घोषणा की कि उनकी पार्टी 2025 में 60 सीटों पर लड़ेगी और डिप्टी सीएम पद की मांग को फिर से उठाया.

‘पीठ में छूरा’ घोंपने वाले के साथ फिर सहनी?

आपको बता दें कि साल 2020 के चुनाव में इसी तेजस्वी यादव के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर सहनी एनडीए का दामन थामा था. तब सहनी ने आरोप लगाया था कि तेजस्वी ने उन्हें वादे के मुताबिक 25 सीटें और डिप्टी सीएम पद नहीं दिया. सहनी ने इसे ‘पीठ में छुरा’ करार दिया था. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में सहनी आरजेडी के साथ लौटे और तेजस्वी ने उन्हें अपनी कोटे से गोपालगंज, झंझारपुर और पूर्वी चंपारण सीटें दीं. अब सहनी की मांग का मकसद निषाद वोटों को एकजुट करना और महागठबंधन में अपनी सौदेबाजी की ताकत बढ़ाना है. लेकिन खाली कुर्सी के सामने और तेजस्वी की मौजूदगी डिप्टी सीएम का दावा कुछ ओर ही इशारा कर रहा है.

क्या आरजेडी-कांग्रेस में तनाव?

महागठबंधन में आरडडी और कांग्रेस के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है. 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने 144 सीटें और कांग्रेस ने 70 सीटें लड़ी थीं, लेकिन कांग्रेस केवल 19 सीटें जीत पाई, जिसे आरजेडी ने हार का बड़ा कारण माना. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आरजेडी ने 26 में से चार सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने नौ में से तीन सीटें हासिल कीं. कांग्रेस का मानना है कि आरजेडी ने उसे ‘कठिन’ सीटें दीं और जमीनी समर्थन नहीं दिया. अब कांग्रेस 2025 में कम से कम 70 ‘जीतने योग्य’ सीटें मांग रही है और तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार के रूप में समर्थन देने में हिचक रही है.

कांग्रेस के सामने अब क्या विकल्प?

कांग्रेस की यह रणनीति आरजेडी को दरकिनार करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे बेरोजगारी, शिक्षा और धर्मनिरपेक्षता जैसे मुद्दों पर शहरी मतदाताओं को लुभाना चाहते हैं, जो राजद की जातिगत सियासत से अलग है. दूसरी ओर आरजेडी ने स्पष्ट कर दिया है कि तेजस्वी ही उनका सीएम चेहरा होंगे. यह तनाव महागठबंधन की एकजुटता के लिए खतरा है, क्योंकि कांग्रेस का कड़ा रुख छोटे दलों, जैसे वीआईपी और लेफ्ट पार्टियों को आरजेडी से अलग होने के लिए प्रेरित कर सकता है.

सहनी की डिप्टी सीएम मांग और वीआईपी की 60 सीटों की घोषणा महागठबंधन के लिए चुनौती है. अगर आरजेडी उनकी मांगें नहीं मानता तो सहनी एनडीए की ओर जा सकते हैं. जैसा कि 2020 में हुआ था. एनडीए ने पहले ही निषाद समुदाय को लुभाने के लिए मदन सहनी और हरि सहनी को कैबिनेट में जगह दी है. मोदी सरकार में मुजफ्फरपुर से मल्लाह जाति के राज भूषण चौधरी को मंत्री बनाया है. ऐसे में तेजस्वी और बीजेपी दोनों के लिए निषाद वोट बैंक महत्वपूर्ण है.

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रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें

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