आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कुर्मी समाज ने अपनी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर रविवार को शहर के एक होटल सभागार में अखिल भारतीय पटेल सेवा संघ की बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पप्पू पटेल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप
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बैठक में सीतामढ़ी जिले के चार प्रमुख विधानसभा क्षेत्र—सीतामढ़ी, रीगा, सुरसंड और बाजपट्टी—की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जिले में कुर्मी समाज की जनसंख्या दो लाख से अधिक है, जिसमें सबसे अधिक उपस्थिति सुरसंड क्षेत्र में है, लेकिन बावजूद इसके पिछले 20 वर्षों से समाज को राजनीतिक रूप से उपेक्षित किया जा रहा है।
कंचन पटेल को उम्मीदवार बनाने की उठी मांग
सर्वसम्मति से बैठक में निर्णय लिया गया कि कंचन पटेल को इनमें से किसी एक विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया जाए। नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज की इस मांग को नजरअंदाज करते हैं और टिकट नहीं देते हैं, तो कुर्मी समाज वैकल्पिक रास्ता अपनाएगा।
दलीय भावना से ऊपर उठकर समर्थन का ऐलान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर किसी अन्य दल से भी कुर्मी समाज का कोई प्रतिनिधि चुनाव लड़ता है, तो समाज बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के उसे समर्थन देगा।
समाज को अब संगठित होने की जरूरत: वक्ता
बैठक में जितेंद्र पटेल, दिनेश राय, अभिराम पटेल, प्रमोद पटेल, संदीप पटेल सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सभी ने एकमत से कहा कि अब समय आ गया है कि कुर्मी समाज संगठित होकर अपनी सियासी हैसियत को स्थापित करे और विधानसभा में हिस्सेदारी सुनिश्चित करे।