दिल्ली में बुधवार को संजय जायसवाल ने अपने आवास पर एनडीए की महत्वपूर्ण की बैठक बुलाई थी। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बिहार के कई मंत्री सांसद और बड़े नेता मौजूद रहे। एनडीए की दिल्ली में हुई बैठक में एक बड़ी गलती देखने को मिली।
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बैठक में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLM) के चुनाव चिह्न को गलत तरीके से प्रदर्शित किया गया। पार्टी का वास्तविक चुनाव चिह्न सिलेंडर है, लेकिन बैठक के पोस्टर में इसे पंखा दिखाया गया।
राम पुकार सिन्हा ने दिया रिएक्शन।
पार्टी बोली- मिसप्रिंट हुआ है
इस पर प्रवक्ता व महासचिव राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार राम पुकार सिन्हा ने कहा कि वो मिसप्रिंट है। उसको हम कह सकते हैं कि NDA पूरी तरह से मजबूत है। पार्टी के सभी नेता वहां मौजूद थे। बैनर में थोड़ा मिसप्रिंट हो गया है। हम लोगों का सिलेंडर छाप चुनाव चिह्न है। बिहार के चुनाव में NDA सरकार बनेगी।
दरअसल बैठक के दौरान वहां जो बैनर लगा था, उसमें एनडीए के कई बड़े नेता की तस्वीर और एनडीए शामिल सभी दलों के चुनाव चिन्ह की तस्वीर भी लगाई गई थी। यह गलती तब सामने आई जब बैठक में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं की नजर सामने लगे बैनर पर पड़ी।

सिलेंडर की जगह पंखे का चिह्न बना हुआ है।
इस दौरान जब राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLM) का सिंबल दिखा तो उसके साथ सिलेंडर की जगह पंखा का चिह्न छपा हुआ था।
पिछले साल चुनाव आयोग ने पार्टी को दिया था सिलेंडर चिह्न
जब भूपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी थी तब उनके पार्टी का चुनाव चिन्ह सीलिंग फैन हुआ करता था। आरएलएसपी पार्टी में टूट के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी नई पार्टी बनाई थी।
साल 2019 में चुनाव आयोग ने कहा था कि लोकसभा चुनाव खत्म होने तक सीलिंग फैन आरएलएसपी का चुनाव चिन्ह रहेगा। जिसके बाद पिछले ही साल चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी को सिलेंडर चुनाव चिह्न दिया था।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही है और NDA के सहयोगी दलों में शामिल है। ऐसे में पार्टी के चुनाव चिह्न को गलत तरीके से प्रदर्शित किया जाना बड़ी चूक बताई जा रही है।