संगठन द्वारा रेस्क्यू किए गए बच्चे टीम के साथ।
हरियाणा के जींद में बाल श्रम के विरुद्ध कार्यरत एमडीडी आफ इंडिया एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) द्वारा मानव तस्कर विरोधी इकाई के साथ सयुंक्त अभियान चलाया गया। इसमें 17 बाल श्रमिकों को रेस्क्यू किया गया।
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गैर सरकारी संगठन एमडीडी आफ इंडिया अपने राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के साथ मिलकर जिले में एक जून से न्याय तक पहुंच परियोजना का चौथा चरण शुरू किया गया है। यह अभियान 31 मार्च तक चलेगा।
10 अभियान चलाए, 17 बच्चे रेस्क्यू
संगठन के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बताया पिछले एक माह के दौरान मानव तस्कर विरोधी इकाई एवं उनके संगठन ने नगर के परशुराम चौक, झांझ गेट, पटियाला चौक, पुराना बस स्टैंड, भिवानी एवं रोहतक रोड, सफीदों गेट एवं जाट धर्मशाला तथा हुड्डा ग्राउंड क्षेत्रों में बाल-श्रम के विरुद्ध 10 संयुक्त अभियान चलाकर कुल 17 बाल श्रमिकों का रेस्क्यू किया।
इनमें 16 लड़के एवं एक लड़की शामिल थे। इनकी उम्र 7 वर्ष से 15 वर्ष पाई गई। जींद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से रेस्क्यू किए गए इन 17 बच्चों में 5 बाल-श्रम करते हुए एवं 6 बच्चे कूड़ा-कबाड़ बीनते हुए तथा 6 बच्चे भिक्षावृति करते हुए पाए गए।
अभिभावकों को दी चेतावनी
नरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन सभी बच्चों और इनके अभिभावकों को जिला बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। इसके बाद इन बच्चों और उनके अभिभावकों को जिला बाल सरंक्षण अधिकारी कार्यालय में काऊंसिलिंग करवाई गई, जिसके दौरान अभिभावकों को सख्त चेतावनी देते हुए अपनों बच्चों को स्कूल भेजने की हिदायत भी दी गई।
मानव तस्कर विरोधी इकाई के इंचार्ज एएसआई संदीप के नेतृत्व में चलाए गए इन अभियानों में ईएसआई वेद प्रकाश, एएसआई सुदेश कुमारी, हैड कांस्टेबल संदीप, कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार एवं एमडीडी आफ इंडिया की वीएसी मनीष शामिल रहे।