बेगूसराय नगर निगम के सभागार में सामान्य बोर्ड की बैठक मेयर पिंकी देवी की अध्यक्षता में हुई है। बैठक में 5 अरब 25 करोड़ 36 लाख 32 हजार रुपए के अनुमानित बजट को स्वीकृति दी गई है। मेयर ने कहा कि आम शहरियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बुनियादी सुविधाओं को सुढृढ करने के लिए एक ठोस योजना का रूप है। यह बजट राजकोषीय अनुशासन, पारदर्शिता और सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करती है। बजट में आवश्यक सेवाओं, बुनियादी ढांचे में निवेश, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर फोकस किया गया है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और विकास के लिए प्रावधान है। नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर ने कहा कि 2026-2027 के प्रस्तावित बजट प्रारूप में बुनियादी ढाचे के विकास, सार्वजनिक सेवाओं, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, आपातकालीन तैयारियों के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। संपत्ति कर से 20 करोड़ रुपए इनकम का अनुमान नगर निगम को आगामी वित्तिय वर्ष में संपत्ति कर से 20 करोड़ रुपए आय का अनुमान है। वहीं, सभी अनिर्धारित और नए मकानों को संपत्ति कर के दायरे में लाने से राजस्व में बढोतरी का अनुमान है। नगर निगम क्षेत्र में भूमि-मकान के हस्तांतरण पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क के रूप में राजस्व प्राप्ति होती है। ट्रेड लाइसेंस, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाने के शुल्क, देर से कर अदायगी पर लगने वाले जुर्माना, भवन अनुज्ञा शुल्क, पानी टैंकर के शुल्क, सेप्टिक टैंक सफाई और कचरा संग्रहण प्रभार जैसे मदों से 5.69 करोड़ आय का अनुमान है। विभिन्न फार्म के प्रकाशन, बिक्री और उपकरण भाड़ा से 25.39 लाख रुपए आय का अनुमान है। केंद्र-राज्य सरकार से 1.18 अरब अनुदान केंद्र-राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान के रूप में 1.18 अरब, मोबाइल टावर और दूरसंचार अवसंरचना से 5 लाख आय का अनुमान है। स्थापना व्यय के रूप में कर्मचारियों के वेतन, महंगाई भत्ता, पेंशन, प्रोविडेंट फंड योगदान और सेवानिवृति लाभ के लिए 15.33 लाख व्यय का प्रावधान है। प्रशासनिक व्यय के रूप में कार्यालय रख-रखाव, संचार-लेखन सामाग्री, किताबें, पत्रिकाएं-प्रकाशन, यात्रा एवं वाहन व्यय, बीमा, अंकेक्षण, शुल्क एवं विधि व्यय, राजस्व वृद्धि, वित्तिय तकनीकी परामर्श, विज्ञापन और प्रकाशन मद में सात करोड़ 37 लाख रुपए खर्च होने हैं।
आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव के लिए 90 करोड़ से ज्यादा खर्च परिचालन-संरक्षण व्यय के रूप में आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव के लिए 90 करोड़ 65 लाख खर्च होगा। इसमें कचरा प्रबंधन-सफाई, बिजली-ईंधन, स्टोर की खपत, भवन, आधारभूत संरचना, नागरिक सुविधाओं के रखरखाव, अतिक्रमण नियंत्रण और अन्य सेवाओं का खर्च शामिल है। स्वच्छता-आपदा प्रबंधन के लिए 71 करोड़ 95 लाख रुपए खर्च होने हैं। इसमें संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए छिड़काव, बाढ़-सुखाड़ और भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव किया जाएगा। त्योहारों के अवसर पर विशेष स्वच्छता अभियान, प्याऊ, कंबल और जलावन वितरण, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना का व्यय शामिल है। पूंजीगत व्यय के लिए 1.39 अरब खर्च होने हैं। टाउन प्लानिंग एवं जियो टैंगिंग, सार्वजनिक शौचालय एवं प्रसाधन के लिए प्रावधान किया गया है। शहरी गरीबों के आधारभूत सेवाओं लिए धारा-82 के तहत कुल संसाधनों को 25 प्रतिशत हिस्सा व्यय का प्रावधान है।
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