रायपुर के खरोरा की मोजो मशरूम फैक्ट्री और बिस्किट बनाने वाली फैक्ट्री में सोमवार शाम श्रम विभाग की टीम ने छापा मारा। छापेमारी के दौरान दोनों फैक्ट्रियों से 109 बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें बचाया। दोनों फैक्ट्रियों में अवैध बालश्रम और नियमों की कई अनि
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मशरूम फैक्ट्री से 40 बच्चियों और 30 नाबालिग लड़कों को रेस्क्यू कर रायपुर लाया गया। वहीं टीम ने 39 बच्चे बिस्किट बनाने वाली फैक्ट्री से बरामद किए। सभी की उम्र की जांच की गई और काउंसलिंग के लिए माना कैंप भेजा गया है।
प्लांट प्रबंधन पर नाबालिगों से जबरन मजदूरी करवाने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि उम्र और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
पूर्व में भी मोजो मशरूम प्लांट से नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया था।
पहले भी विवादों में रही है मशरूम फैक्ट्री
मोजो मशरूम फैक्ट्री पहले भी विवादों में रही है। इससे पहले श्रम विभाग कई बार कार्रवाई कर सैकड़ों नाबालिग बच्चों को छुड़ा चुका है।
फैक्ट्री से आने वाली बदबू को लेकर क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा ने भी विधानसभा में सवाल उठाए थे। साथ ही फैक्ट्री में मारपीट, महिलाओं के अपहरण की कोशिश और कर्मचारियों के साथ बुरा व्यवहार जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। फैक्ट्री में काम करने वाले एक मैनेजर के खिलाफ खरोरा थाने में कई मामलों में एफआईआर दर्ज है।
खरोरा प्रभारी ने की पुष्टि
खरोरा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कुशवाहा ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग से सूचना मिली थी कि फैक्ट्री में नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। सूचना के बाद की गई कार्रवाई में नाबालिग बच्चे और किशोर पाए गए, जिन्हें सुरक्षित रायपुर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की पुष्टि की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
बाल आयोग अध्यक्ष बोली करेंगे कार्रवाई
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने बताया कि टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा है। बच्चों की उम्र की जांच की जा रही है। पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।