रांची में खराब सड़क व ओवर स्पीड से 1 साल में 746 हादसे, 550 की मौत – Ranchi News

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रांची में खराब सड़क और ओवर स्पीड की वजह से पिछले वर्ष सड़क दुर्घटना सैकड़ों लोगों की जान चली गई। एक जनवरी से 31 दिसंबर 2024 तक रांची जिले के विभिन्न रूट में एक साल में 746 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसमें 550 लोगों की जान चली गई। 392 लोग गंभीर रूप से घायल

इसके अलावा सैकड़ों छोटी-छोटी दुर्घटनाओं में लोगों को चोट आई है, लेकिन ऐसे मामले थाना तक नहीं पहुंचे। रांची ही नहीं, राज्य में भी सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। भारत में प्रत्येक वर्ष 80 हजार से अधिक लोगों की जान सड़क दुर्घटना में चली जाती है। यह पूरी दुनिया में होने वाली अकाल मौत का लगभग 13% है। इसका खुलासा शुक्रवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2025 के समापन समारोह में हुआ।

शहर के एक होटल में हुए समारोह में बतौर मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और सड़क सुरक्षा नीतियों को मजबूत बनाकर दुर्घटनाएं रोकी जा सकती हैं। इसके लिए लोगों को भी जागरूक करने की जरूरत है। समारोह में परिवहन सचिव कृपानंद झा, डीआईजी धनंजय कुमार सिंह, परिवहन विभाग के संयुक्त परिवहन आयुक्त प्रवीण प्रकाश, प्रदीप कुमार ने भी अपने विचार रखे।

ट्रॉमा सेंटर शहर में, गोल्डन आवर में नहीं मिल रहा इलाज

पीपल ट्रस्ट इंडिया की सीईओ व मैनेजिंग ट्रस्टी प्रेरणा अरोड़ा सिंह ने कहा कि देश में हर 4 मिनट में एक सड़क दुर्घटना में एक मौत होती है। जयपुर, इंदौर, बंगलुरू, दिल्ली और झांसी में किए गए रिसर्च के अनुसार किसी भी शहर में अस्पताल इतने नजदीक नहीं है कि सड़क दुर्घटना में जख्मी को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकतर शहरों के ट्रॉमा सेंटर भी शहर के बीचोंबीच हैं।

युवा सबसे अधिक जान गंवा रहे, स्टेट हाइवे में सुधार जरूरी

आईआईटी दिल्ली की प्रो. गीतम तिवारी ने कहा कि दुनिया के 60 देशों में सड़क दुर्घटनाओं में मरनेवालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसमें भारत भी है। हमारे देश में 18 से 45 आयु वर्ग के युवाओं की मौत सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक होती है। उन्होंने कहा कि नेशनल हाइवे की जगह स्टेट हाइवे पर अधिक मौतें होती हैं। इसलिए स्टेट हाइवे इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे अधिक सुधार की जरूरत है।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई जरूरी

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट, पुणे के जीत नरेंद्र तिवारी ने कहा कि सड़क संरचनाओं को सुरक्षित बनाने और दुर्घटनाओं को रोकने की रणनीति बनानी होगी। यातायात नियमों और कानूनों के प्रति जन जागरूकता की जरूरत है। इसी तरह ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करके दुर्घटना में कमी लाई जा सकती है।

एक्सपर्ट ने दुर्घटना कम करने के दिए सुझाव

सड़क सुरक्षा माह के समापन समारोह में परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ को पौधा भेंट करते अ​धिकारी।

रोड इंजीनियरिंग में सुधार, ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करके समाप्त करने से कमी लाई जा सकती है।

सड़क के बीच में डिवाइडर के साथ पर्याप्त रोशनी, ट्रैफिक नियमों से संबंधित साइन बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जा सकता है।

{रोड इंजीनियरिंग में खामी, लाइटिंग, साइनेज, ब्लैक स्पॉट का सही से चयन नहीं किया जाना।

ओवर स्पीड से भी दुर्घटनाएं हो रही हैं।

नशापान करके वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण।

इन उपायों को अमल में लाने की है जरूरत

सड़क दुर्घटना बढ़ने की 3 वजहें



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